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Delhi News Today Oct 22, 2026 · min read

Yamuna Cleaning: 358 कच्ची कॉलोनियों को सीवर, ₹8,941 करोड़ के 43 प्रोजेक्ट

अब तक दिल्ली के कई नालों से बिना साफ़ किया गंदा पानी सीधे यमुना में जाता रहा है। अब इसे रोकने के लिए दिल्ली जल बोर्ड के ₹8,941 करोड़ के 43 प्रोजेक्ट शुरू हुए हैं, जिनसे बाहरी दिल्ली की 358 कच्ची कॉलोनियों और 113 गाँवों तक सीवर पहुँचेगा।

Rajendra Singh

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News Headline Alert

Yamuna Cleaning: 358 कच्ची कॉलोनियों को सीवर, ₹8,941 करोड़ के 43 प्रोजेक्ट

TL;DR — Quick Summary

अमित शाह ने 22 अक्टूबर को दिल्ली जल बोर्ड के 43 प्रोजेक्ट (₹8,941 करोड़) का लोकार्पण-शिलान्यास किया। ओखला में 124 MGD का नया STP, 8 पुराने STP का अपग्रेड और बाहरी दिल्ली की 358 कॉलोनियों व 113 गाँवों में सीवर बनेगा; काम 2-2.5 साल में पूरा होने की उम्मीद है।

Key Facts
कुल प्रोजेक्ट और लागत
43 प्रोजेक्ट, ₹8,941.22 करोड़
लोकार्पण
10 प्रोजेक्ट, ₹2,827.11 करोड़
शिलान्यास
33 प्रोजेक्ट, ₹6,114.11 करोड़
ओखला नया STP
124 MGD, ₹1,161 करोड़
8 STP अपग्रेड
78.2 से 140.8 MGD, करीब 78.5 लाख लोग
बाहरी दिल्ली
358 कच्ची कॉलोनियाँ, 113 गाँव, करीब 36.29 लाख लोग
नई सीवर लाइन
1,034 किमी, ₹1,691 करोड़
काम पूरा होने का अनुमान
2 से 2.5 साल (The Tribune के अनुसार)

By Rajendra Singh Tanwar | News Headline Alert | 22 October 2026

अब तक दिल्ली के कई नालों से बिना साफ़ किया गंदा पानी सीधे यमुना में जाता रहा है। अब इसे रोकने के लिए दिल्ली जल बोर्ड के ₹8,941 करोड़ के 43 प्रोजेक्ट शुरू हुए हैं, जिनसे बाहरी दिल्ली की 358 कच्ची कॉलोनियों और 113 गाँवों तक सीवर पहुँचेगा।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार, 22 अक्टूबर को दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में इन प्रोजेक्ट का लोकार्पण और शिलान्यास (नींव रखना) किया। Yamuna Cleaning की इस योजना में 10 प्रोजेक्ट पूरे होकर शुरू हुए, जबकि 33 की नींव रखी गई।

ऊपर से दिखता सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का कंक्रीट ढाँचा, Yamuna Cleaning प्रोजेक्ट जैसा प्लांट
दिल्ली में ओखला समेत कई सीवेज प्लांट बनाए और बढ़ाए जाएँगे। (प्रतीकात्मक तस्वीर) फ़ोटो: Ivan Bandura / Unsplash

10 प्रोजेक्ट शुरू, 33 की नींव रखी गई

कुल 43 प्रोजेक्ट में से 10 का लोकार्पण हुआ। इनकी लागत ₹2,827.11 करोड़ है। बाकी 33 प्रोजेक्ट की नींव रखी गई, जिन पर ₹6,114.11 करोड़ खर्च होंगे।

हमारे हिसाब से कुल रकम का करीब 68% हिस्सा अभी बनने वाले कामों का है। यानी ज़्यादातर फ़ायदा आने वाले सालों में दिखेगा। नीचे की टेबल में बड़े काम और उनसे जुड़े लोग देखें।

कामजगहलागतक्षमता / लंबाईकिसे फ़ायदा
नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP)ओखला₹1,161 करोड़124 MGDअभी आधिकारिक जानकारी नहीं आई है
8 पुराने STP का अपग्रेडअलग-अलग इलाके₹1,041 करोड़78.2 से 140.8 MGDकरीब 78.5 लाख लोग
29 छोटे STP और सीवेज पंपिंग स्टेशनबाहरी दिल्ली₹3,113.67 करोड़358 कॉलोनी, 113 गाँवकरीब 36.29 लाख लोग
नई सीवर लाइनकई इलाके₹1,691 करोड़1,034 किमीअभी आधिकारिक जानकारी नहीं आई है
पीने के पानी का प्लांट (WTP)चंद्रावल₹298.3 करोड़477 MLDकरीब 22 लाख लोग
ट्रंक ड्रेन (बड़ा नाला)मुंडका₹225.02 करोड़4.5 किमीअभी आधिकारिक जानकारी नहीं आई है

MGD = रोज़ 10 लाख गैलन पानी। MLD = रोज़ 10 लाख लीटर पानी। आँकड़े The Tribune और ANI की रिपोर्ट के आधार पर।

ओखला में बनेगा 124 MGD का नया प्लांट

सबसे बड़ा एक काम ओखला का नया सीवेज प्लांट है। सीवेज प्लांट गंदे पानी को साफ़ करता है, ताकि वह नदी में साफ़ होकर जाए।

8 पुराने प्लांट की क्षमता 78.2 से बढ़कर 140.8 MGD होगी। हमारे हिसाब से यह करीब 80% बढ़ोतरी है। नई सीवर लाइन पर औसतन करीब ₹1.64 करोड़ प्रति किलोमीटर खर्च होगा (₹1,691 करोड़ ÷ 1,034 किमी)।

ये भी पढ़ें: दिल्ली के NDMC इलाकों में 8 नवंबर तक कम पानी, प्रभावित इलाकों की लिस्ट

बाहरी दिल्ली की 358 कॉलोनियों तक सीवर पहुँचेगा

बाहरी दिल्ली में 29 छोटे प्लांट और पंपिंग स्टेशन बनेंगे। इनसे 358 कच्ची (अनधिकृत) कॉलोनियों और 113 गाँवों के करीब 36 लाख लोगों को फ़ायदा होगा।

चंद्रावल का नया पानी साफ़ करने वाला प्लांट 1935 और 1955 में बने पुराने ढाँचे की जगह लेगा। इससे करीब 22 लाख लोगों को पीने का पानी मिलता है। मुंडका में 4.5 किमी लंबा बड़ा नाला भी बनेगा।

मिट्टी के ढेर पर रखा नीला पाइप, कॉलोनियों में सीवर लाइन बिछाने का काम
दिल्ली में 1,034 किमी नई सीवर लाइन बिछाई जाएगी। (प्रतीकात्मक तस्वीर) फ़ोटो: Rose Galloway Green / Unsplash

दिल्ली के जल मंत्री परवेश वर्मा ने लोगों से तीन बातें कहीं (ANI और The Tribune के अनुसार):

  • हर घर का सीवर कनेक्शन वैध (क़ानूनी) हो।
  • कचरा सिर्फ़ तय जगह पर डालें।
  • पानी बर्बाद न करें।

उनका कहना है कि सिर्फ़ घाट साफ़ करने से यमुना साफ़ नहीं होगी। नदी में गंदा पानी जाना रुकना ज़रूरी है। 18 अक्टूबर को "चलो यमुना" अभियान में करीब 35,000 लोगों ने 70 जगहों से 76,755 किलो कचरा निकाला था।

यमुना से जुड़ी पिछली खबरें: 48 किमी यमुना का पानी के नीचे तक सर्वे और यमुना में मूर्ति विसर्जन पर रोक। सर्दी के नए नियम यहाँ पढ़ें: दिल्ली में 1 नवंबर से पार्किंग दोगुनी।

काम पूरा होने में 2 से 2.5 साल लगेंगे

The Tribune के अनुसार सभी काम 2 से 2.5 साल में पूरे होने की उम्मीद है। इसके बाद नालों से बिना साफ़ किया पानी यमुना में नहीं जाना चाहिए। नदी में दिखने वाला सुधार करीब डेढ़ साल में आने की बात कही गई है।

अमर उजाला के अनुसार अमित शाह ने सीवर और पीने के पानी के लिए 3 साल के एक्शन प्लान की बात कही। कूड़े के पहाड़ों पर उन्होंने कहा, "2 साल बाद आपको वहां बगीचा दिखाई देगा।" भाषण में उन्होंने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा।

सुबह के समय नदी में नाव पर काम करते मछुआरे, यमुना सफ़ाई से साफ़ नदी की उम्मीद
नदी में साफ़ पानी का फ़ायदा किनारे रहने वालों को भी मिलता है। (प्रतीकात्मक तस्वीर) फ़ोटो: Ravi Sharma / Unsplash

कई बातें अभी तय नहीं

इन सवालों पर अभी आधिकारिक जानकारी नहीं आई है:

किस कॉलोनी में काम कब शुरू होगा? 358 कॉलोनियों और 113 गाँवों की नाम वाली लिस्ट अभी सामने नहीं आई है।

नया सीवर कनेक्शन कैसे और कितने में मिलेगा? कनेक्शन फ़ीस या आवेदन का तरीका अभी घोषित नहीं हुआ है।

ओखला प्लांट कब चालू होगा? हर प्रोजेक्ट की अलग समय-सीमा अभी जारी नहीं हुई है।

यमुना की सफ़ाई कैसे मापी जाएगी? पानी की गुणवत्ता के तय लक्ष्य अभी सामने नहीं आए हैं।

नई जानकारी के लिए दिल्ली जल बोर्ड की वेबसाइट delhijalboard.delhi.gov.in देखते रहें।

सोर्स

यह रिपोर्ट AI की मदद से आधिकारिक और भरोसेमंद सोर्स के आधार पर तैयार की गई है और News Headline Alert के संपादकीय नियमों के तहत जाँची गई है।

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Rajendra Singh

Rajendra Singh Tanwar is a staff correspondent at News Headline Alert, one of India's digital news platforms covering national and state developments across politics, health, business, technology, law, and sport. He reports on government decisions, policy announcements, corporate developments, court rulings, and events that affect people across India — drawing on official documents, named sources, expert commentary, and verified public records. His work spans breaking news, policy analysis, and public interest reporting. Before each article is published, it is reviewed by the News Headline Alert editorial desk to ensure accuracy and editorial standards are met. Corrections, sourcing queries, and editorial feedback can be directed to editorial@newsheadlinealert.com.