आज का पंचांग – तिथि, नक्षत्र, योग, राहुकाल और शुभ मुहूर्त
अपना शहर और तारीख़ चुनें। तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय-सूर्यास्त, राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त खगोलीय गणना से आपके शहर के हिसाब से निकाले जाते हैं।
यह पंचांग सूर्य-चंद्र की खगोलीय गणना (लाहिड़ी अयनांश) से बनता है; समय में कुछ मिनट का अंतर संभव है। विवाह, गृह-प्रवेश जैसे बड़े मुहूर्त के लिए अपने पंडित या प्रकाशित पंचांग से पुष्टि ज़रूर करें।
कैसे इस्तेमाल करें
- अपना शहर चुनें — सूर्योदय, राहुकाल और मुहूर्त शहर के हिसाब से बदलते हैं।
- तारीख़ चुनें या "आज" / "कल" दबाएँ।
- तिथि और नक्षत्र के साथ उनके ख़त्म होने का समय भी दिखता है।
- "WhatsApp पर भेजें" से पूरा पंचांग परिवार को भेजें।
कैसे काम करता है
चंद्रमा और सूर्य के बीच का कोण हर 12° पर एक तिथि बदलता है (कुल 30 तिथियाँ)। चंद्रमा की निरयण स्थिति हर 13°20′ पर नक्षत्र बदलती है (27 नक्षत्र)। सूर्य और चंद्र की निरयण स्थिति के जोड़ से योग, और आधी तिथि से करण निकलता है। पंचांग का दिन सूर्योदय से शुरू होता है, इसलिए सभी मान सूर्योदय के समय के हिसाब से दिखाए जाते हैं। राहुकाल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) को 8 बराबर हिस्सों में बाँटकर वार के अनुसार तय होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
राहुकाल क्या है?
हर दिन लगभग डेढ़ घंटे का समय, जिसे नए काम की शुरुआत के लिए शुभ नहीं माना जाता। इसका समय शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर करता है।
अभिजीत मुहूर्त कब होता है?
दिन के बीच (दोपहर) का लगभग 48 मिनट का समय। इसे ज़्यादातर कामों के लिए शुभ माना जाता है।
अलग-अलग पंचांगों में समय अलग क्यों दिखता है?
गणना की विधि, अयनांश और शहर बदलने से कुछ मिनट का अंतर आता है। इसलिए शहर सही चुनें।
मास पूर्णिमांत क्यों दिखाया है?
उत्तर भारत में पूर्णिमांत मास चलता है (महीना पूर्णिमा के बाद बदलता है)। अमांत मास भी साथ में दिखाया गया है।