Lithium आज की दुनिया की सबसे ज़रूरी धातुओं में से एक बन गया है। आप जिस फोन या लैपटॉप पर ये आर्टिकल पढ़ रहे हैं, उसकी बैटरी में लिथियम है। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs), हेडफोन्स, पावर टूल्स, TV रिमोट — हर चीज़ में लिथियम है। लेकिन इस लिथियम की सप्लाई पर चीन (China) का दबदबा है। अब अमेरिका (US) ने अपने ही पिछवाड़े में इतना बड़ा लिथियम भंडार खोज लिया है कि वो 328 साल तक अपनी ज़रूरत पूरी कर सकता है।
Appalachia में मिला 328 साल का लिथियम भंडार
USGS की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, Appalachia क्षेत्र में लगभग 2.3 मिलियन मीट्रिक टन लिथियम ऑक्साइड का भंडार मिला है। ये इतना बड़ा भंडार है कि पिछले साल के आयात स्तर पर ये अमेरिका की 328 साल की ज़रूरत पूरी कर सकता है। ये क्षेत्र Maine, New Hampshire और Carolinas तक फैला हुआ है।
USGS के डायरेक्टर Ned Mamula ने एक बयान में कहा, "ये रिसर्च दिखाती है कि Appalachians में इतना लिथियम है जो देश की बढ़ती ज़रूरतों को पूरा करने में मदद कर सकता है। ये अमेरिकी खनिज सुरक्षा में एक बड़ा योगदान है।"
ये भंडार कितना बड़ा है?
इस भंडार की क्षमता को समझने के लिए कुछ आंकड़े देख लेते हैं। USGS के मुताबिक, ये भंडार 130 मिलियन इलेक्ट्रिक व्हीकल्स या 1.6 मिलियन ग्रिड-स्केल बैटरीज को पावर दे सकता है। यानी ये सिर्फ एक छोटा सा भंडार नहीं है, बल्कि अमेरिका की पूरी EV और एनर्जी स्टोरेज ज़रूरतों को पूरा करने की क्षमता रखता है।
China का लिथियम पर दबदबा
फिलहाल, WSJ के मुताबिक, चीन लिथियम प्रोसेसिंग में दुनिया का लीडर है। चीन लैटिन अमेरिका और अफ्रीका में कच्चे लिथियम को सुरक्षित करने के लिए बड़े और जोखिम भरे निवेश कर रहा है। ये अमेरिका के लिए एक बड़ी चुनौती है क्योंकि लिथियम आज की आधुनिक अर्थव्यवस्था के लिए उतना ही ज़रूरी है जितना पहले तेल था।
USGS ने नवंबर में लिथियम को एक 'क्रिटिकल मिनरल' घोषित किया था। इसका मतलब है कि अमेरिका लिथियम के लिए आयात पर बहुत ज़्यादा निर्भर है और ये देश की सुरक्षा के लिए ज़रूरी है।
Hamaari Baat: Appalachia का लिथियम भंडार — China की बढ़त को चुनौती
हमारी नज़र में, ये खोज अमेरिका के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकती है। लेकिन यहाँ एक बड़ी बात समझनी होगी — सिर्फ लिथियम का भंडार होना काफी नहीं है। चीन का दबदबा सिर्फ कच्चे लिथियम पर नहीं, बल्कि उसे प्रोसेस करने और बैटरी बनाने की टेक्नोलॉजी पर भी है। अमेरिका को अब इस लिथियम को निकालने और प्रोसेस करने के लिए एक पूरी इंडस्ट्री खड़ी करनी होगी। ये आसान नहीं होगा, लेकिन ये एक शुरुआत है। अगर अमेरिका इस भंडार का सही इस्तेमाल कर पाया, तो ये चीन के लिथियम पर दबदबे को एक बड़ी चुनौती दे सकता है।