By Rajendra Singh Tanwar | News Headline Alert | 22 October 2026
भारतीय नौसेना गोवा में Rafale Marine लड़ाकू विमान का ट्रायल कर रही है। रक्षा अधिकारियों ने बुधवार, 21 अक्टूबर को यह जानकारी दी।
यह Rafale Marine ट्रायल INS विक्रांत से उड़ान की तैयारी के लिए है। भारत ने फ्रांस से ऐसे 26 जेट करीब ₹63,000 करोड़ में खरीदे हैं।
आपके लिए मतलब: समुद्र में भारत की हवाई ताकत बढ़ेगी। नौसेना को पुराने जेट की जगह नए, आधुनिक जेट मिलेंगे।
क्यों अहम है: ये जेट नौसेना के MiG-29K बेड़े की जगह धीरे-धीरे लेंगे (WION के अनुसार)। भारत Rafale का नौसैनिक वर्ज़न खरीदने वाला पहला विदेशी देश है।
Rafale Marine ट्रायल में क्या जाँचा जा रहा है?
अधिकारियों के मुताबिक, जेट में कुछ बदलाव किए गए हैं। ये बदलाव INS विक्रांत से उड़ान के लिए ज़रूरी हैं। ट्रायल में यही परखा जा रहा है।
ट्रायल कितने दिन चलेगा, यह नहीं बताया गया। कितनी उड़ानें हुईं, इसकी भी अभी आधिकारिक जानकारी नहीं आई है।
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26 जेट की डील में क्या-क्या मिलेगा?
भारत और फ्रांस ने 28 अप्रैल 2025 को यह सरकारी समझौता किया था। जेट फ्रांस की कंपनी Dassault Aviation बनाती है।
| बात | जानकारी |
|---|---|
| कुल जेट | 26 |
| एक सीट वाले (लड़ाई के लिए) | 22 |
| दो सीट वाले (ट्रेनिंग के लिए) | 4 |
| कुल कीमत | करीब ₹63,000 करोड़ |
| समझौते की तारीख | 28 अप्रैल 2025 |
| साथ में | पायलट ट्रेनिंग, सिम्युलेटर (उड़ान का अभ्यास कराने वाली मशीन), हथियार, लंबी मरम्मत सेवा |
| तकनीक | देसी हथियार जोड़ने की तकनीक भारत को मिलेगी |
एक जेट कितने का पड़ा? (हमारा हिसाब)
₹63,000 करोड़ को 26 से भाग दें। एक जेट पर औसतन करीब ₹2,423 करोड़ बैठता है।
यह सिर्फ़ अनुमान है। कुल रकम में हथियार, ट्रेनिंग और मरम्मत भी शामिल हैं। इसलिए अकेले विमान की कीमत इससे कम होगी।
वायुसेना के पास पहले से 36 Rafale हैं। 26 नए जुड़ने पर कुल 62 होंगे। PIB के अनुसार 2030 तक भारत के पास 62 Rafale होंगे।
नौसेना को जेट कब मिलेंगे?
अधिकारियों के हवाले से ANI ने बताया कि डिलीवरी 2028 के आख़िर या 2029 की शुरुआत तक होगी। WION की रिपोर्ट के अनुसार डिलीवरी 2028 के बीच से शुरू होकर करीब 2030 तक चलेगी।
पूरी डिलीवरी की पक्की तारीख अभी आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं हुई है।
किन जहाज़ों से उड़ेंगे ये जेट?
नौसेना के पास दो विमानवाहक पोत हैं, INS विक्रांत और INS विक्रमादित्य। Rafale Marine दोनों से उड़ सकेगा।
- INS विक्रांत: देश में बना पोत, 2 सितंबर 2022 को नौसेना में शामिल हुआ।
- वज़न: करीब 45,000 टन।
- अभी के जेट: इस पर फ़िलहाल MiG-29K लड़ाकू विमान तैनात हैं।
नए जेट हवाई सुरक्षा, समुद्र में दुश्मन जहाज़ पर हमले और निगरानी उड़ानों में काम आएँगे। ये तट पर ठिकानों को भी निशाना बना सकेंगे।
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आगे क्या?
अब ट्रायल के नतीजों का इंतज़ार है। इसके बाद पायलटों की ट्रेनिंग और डिलीवरी का शेड्यूल तय होगा।
भारत-फ्रांस रक्षा रिश्तों पर जून की PM मोदी की फ्रांस यात्रा की खबर भी पढ़ें। नौसेना या रक्षा मंत्रालय का आधिकारिक बयान आने पर हम यह खबर अपडेट करेंगे।
सोर्स
- ANI: Indian Navy carries out trials of Rafale Marine in Goa
- WION: Rafale Marine fighter begins flight trials in Goa
- PIB: Rafale-M समझौते पर दस्तावेज़ (अप्रैल 2025)
- The NewsMill: Rafale Marine trials for INS Vikrant
यह रिपोर्ट AI की मदद से आधिकारिक और भरोसेमंद सोर्स के आधार पर तैयार की गई है और News Headline Alert के संपादकीय नियमों के तहत जाँची गई है।