By Rajendra Singh Tanwar | News Headline Alert | 22 October 2026
पहले केंद्र की दिव्यांग पेंशन सिर्फ़ 80% या उससे ज़्यादा विकलांगता वालों को मिलती थी। अब 40% विकलांगता वाले लोग भी इसके हक़दार होंगे और महीने की रक़म ₹300 से बढ़कर ₹375 होगी।
केंद्रीय कैबिनेट ने यह फ़ैसला 14 अक्टूबर 2026 को लिया। साथ ही राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना कर दिया गया। नई दिव्यांग पेंशन के लिए अभी नया आवेदन शुरू नहीं हुआ है। सरकार 3 महीने के अंदर दिशानिर्देश (गाइडलाइन) जारी करेगी।
दिव्यांग पेंशन अब जन्म से मिल सकेगी
किसे मिलेगी? अब 40% या उससे ज़्यादा विकलांगता वाले लोग पात्र होंगे। पहले 18 साल की न्यूनतम उम्र की शर्त थी। अब यह शर्त हट गई है। यानी विकलांग बच्चे भी जन्म से इस पेंशन के दायरे में आ सकेंगे।
40% का पैमाना दिव्यांगजन अधिकार कानून 2016 (RPwD Act) में तय है। इस कानून में 21 तरह की विकलांगता मानी गई हैं। केंद्र ने कहा है कि यह बदलाव इसी कानून के मुताबिक किया गया है।
पेंशन की रक़म 25% बढ़ी
कितना मिलेगा? नीचे पुरानी और नई रक़म की तुलना है:
- 0 से 79 साल: ₹300 से बढ़कर ₹375 महीना। यानी साल में ₹900 ज़्यादा।
- 80 साल और ऊपर: ₹500 से बढ़कर ₹625 महीना। यानी साल में ₹1,500 ज़्यादा।
दोनों में बढ़ोतरी 25% की है। यह हिसाब हमने पुरानी और नई रक़म से निकाला है। ध्यान दें, यह केंद्र का हिस्सा है। कई राज्य इसमें अपनी तरफ़ से अलग रक़म जोड़ते हैं। इसलिए आपके हाथ में आने वाली कुल पेंशन राज्य के हिसाब से अलग होगी।
बुज़ुर्ग और विधवा पेंशन की रक़म नहीं बदली
बाकी पेंशन का क्या? कैबिनेट के बयान के मुताबिक वृद्धावस्था, विधवा और परिवार लाभ योजना "मौजूदा रूप में" जारी रहेंगी। सिर्फ़ इनके नाम बदले हैं:
| पुराना नाम | नया नाम |
|---|---|
| इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना | प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना |
| इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना | प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना |
| इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना | प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना |
| राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना | प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना |
जो लोग पहले से पेंशन ले रहे हैं, उन्हें सिर्फ़ नाम बदलने की वजह से कोई नया फ़ॉर्म भरने की बात अभी आधिकारिक तौर पर नहीं कही गई है।
5 साल के लिए ₹53,428 करोड़ मंज़ूर
कितने लोगों को फ़ायदा? योजना 2026-27 से 2030-31 तक चलेगी। इस पर ₹53,428 करोड़ खर्च होंगे। सरकार के मुताबिक सभी 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में करीब 3.20 करोड़ लोग इसके दायरे में होंगे।
रिपोर्ट के अनुसार (GKToday), दिव्यांग पेंशन पाने वालों की संख्या 8.33 लाख से बढ़कर करीब 27 लाख हो सकती है। यह आँकड़ा सरकारी बयान में अलग से नहीं दिया गया है।
आवेदन का तरीका गाइडलाइन से तय होगा
कैसे और कब तक? नई पात्रता, लाभार्थियों की संख्या और नई रक़म — तीनों के लिए दिशानिर्देश जारी होंगे। इन्हें जारी होने के 3 महीने के अंदर लागू करना है। तब तक नए नियम से आवेदन की तारीख़ और फ़ॉर्म तय नहीं हैं।
यह पेंशन ज़मीन पर राज्य सरकारें बाँटती हैं। इसलिए गाइडलाइन आने पर अपने ज़िले के समाज कल्याण विभाग या ग्राम पंचायत/नगर निकाय से संपर्क करें। विकलांगता प्रमाणपत्र (40% या उससे ज़्यादा) अभी से तैयार रखना फ़ायदेमंद रहेगा।
कहाँ देखें? योजना की आधिकारिक वेबसाइट nsap.nic.in है। शिकायत के लिए अपने ज़िले के समाज कल्याण अधिकारी से मिलें।
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कई बातें अभी तय नहीं हैं
- नए नियम से पहला भुगतान किस महीने से होगा, यह अभी आधिकारिक जानकारी नहीं आई है।
- गरीबी रेखा (BPL) की शर्त बदलेगी या नहीं, कैबिनेट के बयान में यह साफ़ नहीं है।
- बढ़ी हुई रक़म पुराने लाभार्थियों को कब से मिलेगी, यह गाइडलाइन से तय होगा।
- राज्य अपनी तरफ़ से जोड़ी जाने वाली रक़म बढ़ाएँगे या नहीं, यह राज्यों पर निर्भर है।
केंद्र सरकार के एक और लंबित फ़ैसले पर पढ़ें: DA बढ़ोतरी पर कैबिनेट फ़ैसले का इंतज़ार
सोर्स
- PM India – Cabinet approves continuation of NSAP (14 Oct 2026)
- OrissaPOST (PTI) – NSAP renamed Pradhan Mantri Samajik Sahayata Yojana
- Sanskriti IAS – पुरानी और नई दरें
- GKToday – Disability pension coverage
- Department of Social Welfare, Nagaland – NSAP की पुरानी शर्तें
यह रिपोर्ट AI की मदद से आधिकारिक और भरोसेमंद सोर्स के आधार पर तैयार की गई है और News Headline Alert के संपादकीय नियमों के तहत जाँची गई है।