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India Deep Research · 0 sources Jul 13, 2026 · min read

जादू-टोना के शक में 75 साल के बुजुर्ग को काटकर मार डाला, परिवार की बीमारी का ठीकरा फोड़ा

झारखंड के गुमला जिले में अंधविश्वास ने एक बार फिर एक बुजुर्ग की जान ले ली। 75 वर्षीय एक वृद्ध को जादू-टोने के संदेह में बेरहमी से काटकर मार डाला गया। आरोपी ने अ...

Rajendra Singh

Rajendra Singh

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जादू-टोना के शक में 75 साल के बुजुर्ग को काटकर मार डाला, परिवार की बीमारी का ठीकरा फोड़ा
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TL;DR — Quick Summary

झारखंड के गुमला जिले में अंधविश्वास का एक और शिकार: 75 वर्षीय बुजुर्ग की जादू-टोने के संदेह में धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। आरोपी ने अपने परिवार में फैली बीमारी के लिए बुजुर्ग को जिम्मेदार ठहराया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।

Key Facts
मुख्य घटना
झारखंड के गुमला जिले में 75 वर्षीय बुजुर्ग की जादू-टोने के शक में धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी गई।
आरोप
आरोपी ने बुजुर्ग पर अपने परिवार में फैली बीमारी का ठीकरा फोड़ा और उसे जादू-टोना करने वाला बताया।
पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच जारी है।
वर्तमान स्थिति
आरोपी पुलिस हिरासत में है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
आगे क्या
पुलिस घटना के पीछे के कारणों और अन्य संभावित सहयोगियों की जांच कर रही है।

झारखंड के गुमला जिले में अंधविश्वास ने एक बार फिर एक बुजुर्ग की जान ले ली। 75 वर्षीय एक वृद्ध को जादू-टोने के संदेह में बेरहमी से काटकर मार डाला गया। आरोपी ने अपने परिवार में फैली बीमारी के लिए इस बुजुर्ग को जिम्मेदार ठहराया था। यह घटना न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि समाज में गहरे पैठे अंधविश्वास की दुखद तस्वीर भी पेश करती है।

गुमला में कैसे हुई बुजुर्ग की हत्या?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी ने 75 वर्षीय बुजुर्ग पर अपने परिवार में हो रही बीमारियों का आरोप लगाया। उसने दावा किया कि बुजुर्ग जादू-टोना करके उसके परिवार को नुकसान पहुंचा रहा है। इसी संदेह के चलते आरोपी ने बुजुर्ग पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

अंधविश्वास की वजह से क्यों बढ़ रही हैं ऐसी घटनाएं?

झारखंड और देश के कई हिस्सों में जादू-टोने और अंधविश्वास के कारण हत्याएं कोई नई बात नहीं हैं। ग्रामीण इलाकों में शिक्षा और जागरूकता की कमी के कारण लोग बीमारियों और दुर्घटनाओं के लिए अक्सर किसी न किसी व्यक्ति को जिम्मेदार ठहरा देते हैं। इस मामले ने एक बार फिर इस गंभीर सामाजिक समस्या को उजागर किया है।

पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

घटना की सूचना मिलते ही गुमला पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और आरोपी से पूछताछ जारी है।

इस घटना का पीड़ित परिवार पर क्या असर हुआ?

इस नृशंस हत्या ने पीड़ित के परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक 75 वर्षीय बुजुर्ग, जो अपने परिवार का सहारा था, को महज एक संदेह के आधार पर इस तरह मार दिया जाना परिवार के लिए असहनीय है। परिवार वाले न्याय की मांग कर रहे हैं।

अधिकारियों और विशेषज्ञों का क्या कहना है?

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं और विशेषज्ञों ने इस घटना पर चिंता जताते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर बल दिया है। उनका कहना है कि अंधविश्वास को जड़ से खत्म करने के लिए शिक्षा और जागरूकता ही एकमात्र रास्ता है।

क्या सिर्फ अंधविश्वास है या इसके पीछे और भी कारण हैं?

हालांकि यह घटना अंधविश्वास की वजह से हुई है, लेकिन इसके पीछे जमीनी विवाद, पुरानी रंजिश या संपत्ति का विवाद भी हो सकता है। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। यह समझना जरूरी है कि अक्सर ऐसे मामलों में अंधविश्वास को एक बहाने के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

पुष्ट तथ्य बनाम अस्पष्ट पहलू

पुष्ट तथ्य: गुमला में 75 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या हुई है। आरोपी ने जादू-टोने का शक जताया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

अस्पष्ट पहलू: आरोपी और पीड़ित के बीच पहले से कोई विवाद था या नहीं, इस बारे में अभी पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि आरोपी अकेला था या उसके साथ और भी लोग थे। पुलिस जांच के बाद ही इन पहलुओं पर स्पष्टता आएगी।

अंधविश्वास से जुड़ी हत्याओं का बढ़ता पैटर्न

यह कोई अलग-थलग घटना नहीं है। झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और ओडिशा जैसे राज्यों में जादू-टोने के नाम पर हत्याएं नियमित रूप से सामने आती रही हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, अंधविश्वास से जुड़ी हत्याओं में कोई कमी नहीं आई है। यह एक गंभीर सामाजिक चुनौती है जिससे निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

ऐसी घटनाओं से बचने के लिए क्या कर सकते हैं?

ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को चाहिए कि वे किसी भी बीमारी या परेशानी के लिए डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह लें, न कि किसी पर जादू-टोने का आरोप लगाएं। अगर आपके आसपास कोई ऐसी घटना होती है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। समाज में जागरूकता फैलाने और अंधविश्वास के खिलाफ आवाज उठाने की जिम्मेदारी हर नागरिक की है।

आगे क्या हो सकता है?

पुलिस जांच के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा। उम्मीद है कि इस मामले में त्वरित सुनवाई होगी और दोषी को कड़ी सजा मिलेगी। यह मामला अंधविश्वास के खिलाफ चल रहे अभियानों को और मजबूती दे सकता है। स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि वह गांवों में जागरूकता शिविर लगाए और लोगों को शिक्षित करे।

हमारी राय

यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि अंधविश्वास आज भी हमारे समाज में एक गहरा जहर है। महज एक संदेह के आधार पर किसी की जान लेना किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता। इस घटना ने न सिर्फ एक परिवार को तबाह किया है, बल्कि पूरे समाज के सामने एक दर्पण भी रखा है। जरूरत है कि हम शिक्षा और जागरूकता के जरिए इस अंधकार को दूर करें। कानून को सख्ती से लागू करना और दोषियों को सजा दिलाना भी उतना ही जरूरी है। यह मामला सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि हमारे सामूहिक विवेक पर एक सवाल है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

गुमला में हत्या क्यों हुई?

आरोपी ने 75 वर्षीय बुजुर्ग पर अपने परिवार में फैली बीमारी के लिए जादू-टोना करने का आरोप लगाया था। इसी संदेह के चलते उसने बुजुर्ग की हत्या कर दी।

क्या आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है?

हां, पुलिस ने आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है।

झारखंड में जादू-टोने के मामले कितने आम हैं?

झारखंड और आसपास के राज्यों में जादू-टोने के शक में हत्याएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं। यह एक गंभीर सामाजिक समस्या है जो अशिक्षा और अंधविश्वास से जुड़ी है।

अगर मेरे आसपास ऐसा कुछ होता है तो मुझे क्या करना चाहिए?

तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें और किसी भी तरह की हिंसा में शामिल न हों। आप सामाजिक संगठनों या प्रशासन से भी मदद ले सकते हैं।

Rajendra Singh

Written by

Rajendra Singh

Rajendra Singh Tanwar is a staff correspondent at News Headline Alert, one of India's digital news platforms covering national and state developments across politics, health, business, technology, law, and sport. He reports on government decisions, policy announcements, corporate developments, court rulings, and events that affect people across India — drawing on official documents, named sources, expert commentary, and verified public records. His work spans breaking news, policy analysis, and public interest reporting. Before each article is published, it is reviewed by the News Headline Alert editorial desk to ensure accuracy and editorial standards are met. Corrections, sourcing queries, and editorial feedback can be directed to editorial@newsheadlinealert.com.