शहरी गरीबों के जीवनस्तर को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत 50 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। ये पैसे दीनदयाल जन आजीविका योजना (शहरी) के तहत आएंगे। इस योजना का मकसद शहरी गरीबों को रोजगार और लोन की सुविधा देना है, ताकि उनकी आर्थिक हालत सुधर सके।
क्या है दीनदयाल जन आजीविका योजना?
दीनदयाल जन आजीविका योजना एक केंद्र प्रायोजित योजना है। इसका पूरा नाम "दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डीएवाई-एनयूएलएम)" है। PIB के मुताबिक, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) ने इस योजना को शहरी गरीबों की आर्थिक, सामाजिक और आवासीय कमजोरियों को कम करने के लिए लागू किया है।
इस योजना के तहत अब 50 करोड़ रुपए खर्च करके शहरी गरीबों के लिए खास ग्रुप बनाए जाएंगे। इन ग्रुप को कॉमन इंटरेस्ट ग्रुप (सीआईजी) और जॉइंट लायबिलिटी ग्रुप (जेएलजी) कहा जाता है। सीआईजी का मतलब है "काम एक जैसा" और जेएलजी का मतलब है "सामूहिक लोन समूह"।
कैसे काम करेगी योजना?
इस योजना के तहत लाभार्थियों के सामूहिक कार्य, ऋण सुविधा और निरंतर आजीविका के अवसर सुनिश्चित कराए जाएंगे। इसके लिए सीआईजी और जेएलजी ग्रुप का गठन किया जाएगा। PIB के अनुसार, इस मिशन का मुख्य उद्देश्य गरीब परिवारों, खासकर महिलाओं को वित्तीय सेवाओं तक पहुंच प्रदान करना है। इससे उनकी आजीविका में विविधता आएगी और उनके जीवन स्तर में सुधार होगा।
MoHUA के मुताबिक, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) का मूल विश्वास यह है कि गरीब लोग उद्यमी होते हैं और उनकी अभिलाषा गरीबी से बाहर निकलने की होती है। चुनौती उनकी क्षमताओं का उपयोग करके उनके लिए सार्थक और सुस्थिर जीविका के अवसर पैदा करना है।
क्या है सीआईजी और जेएलजी ग्रुप?
सीआईजी यानी कॉमन इंटरेस्ट ग्रुप उन लोगों का समूह है जिनका काम एक जैसा होता है। ये लोग मिलकर काम करते हैं और एक-दूसरे की मदद करते हैं। वहीं, जेएलजी यानी जॉइंट लायबिलिटी ग्रुप एक सामूहिक लोन समूह है। इसमें सभी सदस्य मिलकर लोन लेते हैं और एक-दूसरे के लोन की गारंटी भी देते हैं। इससे गरीब लोगों को बैंक से लोन लेने में आसानी होती है।
"आर्थिक रूप से, यह मिशन गरीब परिवारों को वित्तीय सेवाओं तक पहुंच प्रदान करके उनकी आजीविका में विविधता लाता है और उनके जीवन स्तर में सुधार लाता है।" — PIB
हमारी बात: शहरी गरीबों के लिए ये योजना क्यों जरूरी है?
हमारी नजर में ये योजना शहरी गरीबों के लिए एक बड़ा मौका है। शहरों में गरीब लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी रोजगार और लोन की होती है। बैंक से लोन लेना उनके लिए मुश्किल होता है क्योंकि उनके पास कोई गारंटी नहीं होती। सीआईजी और जेएलजी ग्रुप बनाकर ये समस्या हल की जा रही है। अब गरीब लोग मिलकर लोन ले सकेंगे और अपना काम शुरू कर सकेंगे।
सीधी बात करें तो 50 करोड़ रुपए का ये निवेश शहरी गरीबों की जिंदगी बदल सकता है। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि ये पैसे सही तरीके से खर्च हों और लाभार्थियों तक पहुंचे। अगर योजना को सही से लागू किया गया तो शहरी गरीबों का जीवनस्तर काफी हद तक सुधर सकता है।
Sources & References
- DAY-NULM Scheme Details — PIB
- DAY-NULM Objectives — PIB
- About NULM — MoHUA
- DAY-NULM Overview — MoHUA