BREAKING NEWS
Logo
Select Language
search
India Deep Research · 6 sources Apr 29, 2026 · min read

SC का सवाल: क्या गैर-आस्तिक को सबरीमाला मंदिर में एंट्री का हक?

सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मामले में पूछा- क्या उत्तर भारत का कोई गैर-आस्तिक मंदिर में प्रवेश का अधिकार मांग सकता है? जानिए 9 जजों की बेंच ने क्या कहा।

ISHRAFIL KHAN

ISHRAFIL KHAN

News Headline Alert

SC का सवाल: क्या गैर-आस्तिक को सबरीमाला मंदिर में एंट्री का हक?
728 x 90 Header Slot

TL;DR — Quick Summary

सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मामले की सुनवाई के दौरान अहम सवाल उठाया - क्या कोई गैर-आस्तिक या मंदिर से जुड़ा न होने वाला व्यक्ति मंदिर में प्रवेश का अधिकार मांग सकता है? कोर्ट ने कहा कि ये देखना जरूरी है कि अधिकार कौन मांग रहा है - भक्त या गैर-भक्त।

Key Facts
सुप्रीम कोर्ट का सवाल
क्या गैर-आस्तिक मंदिर में प्रवेश का अधिकार मांग सकता है?
मामला
सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई
बेंच
9 जजों की संविधान पीठ, जिसकी अध्यक्षता CJI सूर्यकांत कर रहे हैं
मुख्य मुद्दा
धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के साथ कथित भेदभाव
संवैधानिक प्रश्न
अनुच्छेद 25 और 26 के तहत संप्रदायिक अधिकार
कोर्ट का तर्क
ये जांचना जरूरी है कि अधिकार भक्त मांग रहा है या गैर-भक्त
जस्टिस बीवी नागरत्ना
सुनवाई के दौरान अहम सवाल उठाए

सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर मामले की सुनवाई के दौरान एक बड़ा सवाल उठाया है। कोर्ट ने पूछा कि क्या कोई गैर-आस्तिक या मंदिर से जुड़ा न होने वाला व्यक्ति मंदिर में प्रवेश का अधिकार मांग सकता है? खासतौर पर, कोर्ट ने ये सवाल उत्तर भारत के संदर्भ में पूछा।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

Moneycontrol की रिपोर्ट के मुताबिक, 9 जजों की संविधान पीठ ने कहा कि मंदिर प्रवेश से जुड़े विवादों को सुलझाते समय ये देखना जरूरी है कि अधिकार कौन मांग रहा है - कोई भक्त या गैर-भक्त। कोर्ट ने साफ कहा कि अगर कोई व्यक्ति मंदिर की परंपराओं में विश्वास नहीं रखता, तो क्या वो मंदिर में प्रवेश का अधिकार मांग सकता है?

क्या है पूरा मामला?

ये सुनवाई सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से जुड़ी याचिकाओं पर हो रही है। Economic Times के अनुसार, बेंच की अध्यक्षता CJI सूर्यकांत कर रहे हैं। कोर्ट धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के साथ कथित भेदभाव और अनुच्छेद 25 और 26 के तहत संप्रदायिक अधिकारों से जुड़े सवालों पर विचार कर रहा है।

कोर्ट का अहम सवाल

Business Standard की रिपोर्ट के मुताबिक, सुनवाई के दौरान जस्टिस बीवी नागरत्ना ने भी अहम सवाल उठाए। कोर्ट ने साफ किया कि मंदिर प्रवेश के अधिकार का फैसला करते समय ये देखना जरूरी है कि वो अधिकार किस तरह के व्यक्ति द्वारा मांगा जा रहा है।

"How can a non-believer in North India claim right of entry to temple in Sabarimala?" — PTI

हमारी बात: ये सवाल क्यों अहम है?

हमारी नज़र में, सुप्रीम कोर्ट का ये सवाल बहुत गहरा है। ये सिर्फ सबरीमाला तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में धार्मिक स्थलों पर प्रवेश के अधिकार को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ता है। कोर्ट ने सही सवाल उठाया है - क्या कोई व्यक्ति जो किसी धार्मिक परंपरा में विश्वास नहीं रखता, वो उस परंपरा को बदलने का अधिकार मांग सकता है? ये मामला आने वाले समय में धार्मिक स्वतंत्रता और महिलाओं के अधिकारों के बीच संतुलन को लेकर एक मिसाल बन सकता है।

Sources & References

  1. How a non-believer in North India claim right of entry to temple in Sabarimala? SC asks — Moneycontrol
  2. Sabarimala Row: Supreme Court asks if non-believers can claim temple entry rights — The Economic Times
  3. How non-believer in North India claim entry right in Sabarimala temple: SC — Business Standard
  4. How a non-believer in North India claim right of entry to temple in Sabarimala? SC asks — PTI
ISHRAFIL KHAN

Written by

ISHRAFIL KHAN

Senior Reporter