Delhi High Court ने एक बड़े फैसले में एक 'फेथ हीलर' की जमानत याचिका खारिज कर दी है। इस शख्स पर नाबालिग लड़की से 'जिन्न निकालने' के बहाने यौन उत्पीड़न करने का आरोप है। Live Law की रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है।
क्या है पूरा मामला?
आरोपी खुद को 'फेथ हीलर' यानी आध्यात्मिक उपचारक बताता था। वह लोगों से कहता था कि वह 'जिन्न' निकाल सकता है। इसी बहाने उसने एक नाबालिग लड़की से यौन उत्पीड़न किया। Live Law के X पोस्ट में यह जानकारी दी गई है कि आरोपी ने 'जिन्न' हटाने के नाम पर लड़की के साथ छेड़छाड़ की।
कोर्ट ने क्यों खारिज की जमानत?
Delhi High Court ने इस मामले को गंभीरता से लिया। कोर्ट ने पाया कि आरोपी ने अपनी 'फेथ हीलर' वाली पहचान का गलत इस्तेमाल किया। उसने धार्मिक आस्था का फायदा उठाकर एक मासूम बच्ची को निशाना बनाया। Live Law के अनुसार, कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में जमानत देना सही नहीं होगा क्योंकि आरोपी गवाहों को प्रभावित कर सकता है या फरार हो सकता है।
हमारी बात: यह फैसला क्यों है अहम?
हमारी नज़र में, Delhi High Court का यह फैसला बहुत अहम है। आजकल कई लोग 'फेथ हीलर', 'बाबा' या 'तांत्रिक' बनकर लोगों की अंधविश्वास का फायदा उठाते हैं। यह मामला उसी का एक उदाहरण है। कोर्ट ने सही किया कि उसने ऐसे आरोपी को जमानत नहीं दी। इससे एक मैसेज जाता है कि धार्मिक आस्था के नाम पर किसी के साथ गलत करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। खासकर जब पीड़िता नाबालिग हो, तो कोर्ट को और सख्त होना चाहिए। यह फैसला दूसरे ऐसे मामलों में भी एक मिसाल बनेगा।