Iran War के चलते पेट्रोल के दामों में जोरदार उछाल आया है, और इसका सीधा असर DoorDash के डिलीवरी ड्राइवर्स पर पड़ा है। अब DoorDash ने इन ड्राइवर्स की मदद के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने ऐलान किया है कि वह दूसरी तिमाही में अपने ड्राइवर्स को गैस प्राइस रिलीफ के तौर पर $50 मिलियन से ज्यादा खर्च करेगी।
Iran War के कारण बढ़े पेट्रोल के दाम, DoorDash ने उठाया कदम
DoorDash ने मार्च महीने में ही कहा था कि वह अमेरिका और कनाडा के ड्राइवर्स को एक अस्थायी प्रोग्राम के तहत अतिरिक्त मुआवजा देगी। इसका मकसद Iran War की वजह से पेट्रोल की कीमतों में आई भारी बढ़ोतरी से ड्राइवर्स को राहत देना है। KXNet की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने बुधवार को इस बारे में आधिकारिक जानकारी दी।
AAA के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को एक गैलन पेट्रोल का राष्ट्रीय औसत $4.53 था, जो एक साल पहले की तुलना में 44% ज्यादा है। यह बढ़ोतरी Iran War के कारण हुई है।
DoorDash के ऑर्डर्स में बढ़ोतरी, लेकिन उम्मीद से कम
DoorDash ने बताया कि पेट्रोल के बढ़े हुए दामों के बावजूद, जनवरी-मार्च की अवधि में डिलीवरी की डिमांड मजबूत बनी रही। कंपनी के कुल ऑर्डर्स में 27% की बढ़ोतरी हुई और यह 933 मिलियन तक पहुंच गए। हालांकि, यह वॉल स्ट्रीट के अनुमानों से कम रहा। FactSet के विश्लेषकों के मुताबिक, वॉल स्ट्रीट को 954 मिलियन ऑर्डर्स की उम्मीद थी। DoorDash ने यह भी कहा कि सर्दियों के तूफानों ने कारोबार को प्रभावित किया और डिमांड को कम किया।
Hamaari Baat: Iran War का असर आम आदमी तक, DoorDash ने सही कदम उठाया
हमारी नजर में, Iran War का असर सिर्फ भू-राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सीधे आम आदमी की जेब पर असर डाल रहा है। पेट्रोल के दामों में 44% की बढ़ोतरी ने डिलीवरी ड्राइवर्स जैसे गिग वर्कर्स की कमाई पर बुरा असर डाला है। DoorDash का $50 मिलियन का रिलीफ पैकेज एक सही कदम है, लेकिन यह देखना होगा कि यह राहत कितनी कारगर साबित होती है। कंपनी को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि यह पैसा सही तरीके से ड्राइवर्स तक पहुंचे। यह एक उदाहरण है कि कैसे वैश्विक संकटों का असर स्थानीय स्तर पर काम करने वाले लोगों पर पड़ता है।